Ashaar

Silwatein hain mere...सिलवटें हैं मेरे....

August 05, 2017

सिलवटें हैं मेरे चेहरे पे ,,,, तो ,,,,हैरत क्यों है..??
ज़िन्दगी ने मुझे ,,,तुमसे ,,,,कुछ,,,, ज़्यादा पहना.....
Silwatein hain mere chehre pe ,,,to,,hairat kyun hai ..??
Zindagi nein mujhe ,,,tumse,,,kuch ,,,zyada pehna ...
अहमद फ़राज़ 

Ashaar

Kisi Ko.....किसी को....

July 31, 2017

किसी को,,, भेज के खत,,, हाय !! ये कैसा अज़ाब आया ... कि,,, हर एक पूछता है,,,, नामाबर* !!! आया... जवाब... आया ???
Kisi Ko,,, Bhej Ke,,,Khat,,, Haaye !! Ye Kaisaa Azaab Aayaa Ki,, Har Ek Poochhta Hai,,, Naama-Bar* !! Aayaa,,,Jawaab... Aayaa नामाबर =Messenger, डाकिया

Ashaar

Vo ek raat....वो इक रात ....

July 29, 2017

वो ,,,इक रात की,,, गर्दिश में,,, इतना हार गया ....
लिबास पहने रहा,,, और,,, बदन उतार गया.... 

Vo,,, ek raat ki,,, gardish mein,,,, itna haar gaya
Libaas,,, pehne raha,,, aur,,, badan utaar gaya

Haseeb Soz 

Ashaar

Dil ajab shehar.....दिल अजब शहर....

July 29, 2017

दिल,,,अजब शहर,,,,के ,,,जिस पर भी ,,,,खुला,,,, दर इसका.. वो मुसाफिर ,,,,,इसे ,,,,हर ,,,सम्त से ,,,बर्बाद करे ...
Dil,,, ajab shehar,,, ke,,,, jis par bhi,,, khula,,, dar iska ..... Wo musafir isey,,,, har samt se,,, barbaad karey....

Ashaar

Thehri hai to.....ठहरी है तो....

July 29, 2017

ठहरी है तो,,, इक,,, चेहरे पे,,, ठहरी रही बरसों....
भटकी है तो,,, फिर आँख ,,,,भटकती ही रही है......
Thehri hai to,,, ek,,, chehre pe ,,,thehri rahi barson 
Bhatki hai to,,, phir aankh,,,, bhatakti hi rahi hai ....

Waheed Akhtar

Ashaar

Apni Taraf to.....अपनी तरफ़ तो....

July 28, 2017

अपनी तरफ़ तो ,,,,मैं भी,,, नहीं हूँ ,,,,अभी तलक....
और,,,, उस तरफ़ ,,,,तमाम,,,, ज़माना उसी का है.....

Apni Taraf to ,,,,,main bhi ,,,,,nahi hoon,,,, abhi talak ....
Aur ,,,,,us taraf,,,,, tamaan,,,,, zamaana usi ka hai .......

Ameer Imam

Ashaar

Jaaney kab.....जाने कब.........

July 28, 2017

जाने कब,,,, आ के,,,, दबे पाँव,,,,, गुज़र जाती है ...
मेरी ,,,,हर सांस,,,, मेरा,,,, जिस्म,,,, पुराना करके...... 

Jaaney kab,,, aa ke,,, dabey pao'n,,, guzar jaati hai ...
Meri ,,,har saans,,, mera jism ,,,,purana kar kay....

Ameer Imam

Ashaar

Kahin zamiin se...कहीं ज़मीन से...

July 22, 2017

कहीं ज़मीन से,,, ताल्लुक़,,, न ,,,ख़त्म हो जाए....
बहुत न,,, ख़ुद को,,, हवा में ,,,उछालिए साहब...

Kahin zamiin se,,, taalluq ,,,na,,, khatm ho jaaye...
bahut na,,, khud ko,,, hawa mein,,, uchaaliye saahab....

- राजेन्द्र नाथ रहबर

Ashaar

Kathin hai kaam....कठिन है काम ....

July 22, 2017

कठिन है काम तो,,,,, हिम्मत से ,,,काम ले,,, ऐ दिल!!
बिगाड़ ...काम ना ,,,मुश्किल समझ के,,,, मुश्किल को....

Kathin hai kaam to ,, himmat se ,,,kaam,,le ae dil !!
bigaad... kaam na ,,,mushkil samajh ke ,,mushkil ko .....

वहशत रज़ा अली कलकत्वी

Ashaar

Poora nahi ....पूरा नहीं....

July 19, 2017

पूरा नहीं हुआ,,, कभी,,, इस इश्क का सफर ...
शहर -ए-बदन जो आया , उतरना पड़ा मुझे .....
Poora nahi hua,,, kabhi,,, ishq ka safar ....
Shehar-e-badan jo aaya ,,utarna pada mujhey 

नाज़िर ...

Ashaar

Duniya ne.....दुनिया ने ....

July 19, 2017

दुनिया ने ,,,,किसका ,,,राह-ए -वफ़ा  में  ,,,दिया है... साथ....
तुम भी,,, चले चलो यूँही ,,,जब तक..... चली चले...
  


Duniya Ne,,, Kis Ka,,, Raah-E-Wafa Mein,,, Diya Hai... Saath....
Tum Bhi,, Chale Chalo Yunhi,,, Jab Tak ....Chali Chale....


(Zauq)

Ashaar

Ek roz.....इक रोज़

July 19, 2017

इक रोज़,, छीन लेगी,, हमीं से,,, ज़मीन हमें
छीनेंगे क्या,,, ज़मीन के,,, ख़ज़ाने,,,, ज़मीन से.... हम...

Ek roz,,, cheen legi ,,,humiin se,,, zameen humein.... 
cheenein kya,, zameen ke ,,khazaane ,,zameen se... hum ...

- सबा अकबराबादी

Ashaar

Ab aaoge to....अब आओगे तो

July 14, 2017

अब आओगे तो,,,,, रास्ता भटक जाओगे.....
घना हो गया है ,,,,,तन्हाई का जंगल ......मुझमें.......



Ab aaoge to,,,,, raasta bhatak jaaoge..........
Ghana ho gaya ha,,,,i tanhaayi ka jungle .....mujh mein .......

 जोश मल्सियानी

Ashaar

Tumhaare naam ....तुम्हारे नाम

July 14, 2017

तुम्हारे नाम के नीचे,,, खिंची हुई है लकीर.....
किताब -ए -ज़ीस्त है,,, सादा,, इस इंदिराज* के बाद ......



Tumhaare naam ke neeche khinchi huyi hai lakeer.....
kitaab-e-ziist hai saada is indiraj* ke baad.....

Aanis Moin


 Indiraj = entry/Registration

Ashaar

Kya be-murawwati ka.....क्या बे-मुरव्वती का......

July 14, 2017

क्या बे-मुरव्वती का ,,,शिकवा गिला,,, किसी से......
ख़ुद हम ने कब,,, वफ़ा की,, अपने सिवा ,,,किसी से .....



Kya be-murawwati ka,,, shikwa gila,,, kisi se .......
khud humnein kab,,, wafa ki,,, apne siwa,,, kisi se .....


अनवर शऊर

Ashaar

Dhooudta rehta ....ढूँडता रहता.....

July 14, 2017

ढूँडता रहता हूँ आईने में,,, अक्सर,,, ख़ुद को....
मेरा बाहर,,,, मेरे अंदर का,,, पता पूछता है....


Dhooudta rehta hoon,,, aaiiney mein,,, aksar,,, khud ko.... 
Mera baahar , mere andar ka,,, pata poochta hai ......

Ashaar

Aakhir to rooh ...आखिर तो रूह.....

July 14, 2017

आखिर तो रूह तोड़ ही देगी,,,, हिसार-ए -जिस्म* 
कब तक असीर*,,,, खुशबू ,,,रहेगी गुलाब में..... 
Aakhir to rooh tod hi degi,,,, hisaar-e-zism*.......
kab tak asiir*,,,, khushboo,,, rahegi,,,,, gulab mein .....
Aanis Moin

 
हिसार-ए -जिस्म = circumference of body
असीर = prisoner/क़ैदी 

Ashaar

kyun khul gaye....क्यों खुल गए .....

July 14, 2017

क्यों खुल गए ,, लोगों पे ,,,,मेरे ज़ात* के असरार* .....
ऐ काश !!! कि ,, होती मेरी गहराई,,,,,ज़रा और....
kyun khul gaye,,, logon pe,,, meri zaat* ke asraar*
ai kaash  !!! ki,,, hoti meri gehraayi,,,, zara aur....

Aanis Moin 

zaat = personality 
Asrar = secrets

Ashaar

Masruf hain kuchh....मसरूफ हैं कुछ ....

July 14, 2017

मसरूफ हैं कुछ इतने,,, कि ,,, हम कार -ए -मोहब्बत* .....
आग़ाज़ तो कर लेते हैं,,,, जारी नहीं रखते .....


Masruf hain kuchh itne,,, ki,,, hum kaar-e-mohabbat*.......
aaġhaaz to kar lete hain,,,, jaari nahi rakhte......

Abdul Hameed adam


Kaar-e-mohabbat = task of love

Ashaar

Har qadam.....हर क़दम,....

July 14, 2017

हर क़दम,, कितने ही,, दरवाज़े खुले मेरे लिये....
जाने क्या सोचा,, कि,, खुद को ,,दर-ब-दर* मैनें किया.....


Har qadam,,, kitne hi ,,,darwaaze khule mere liye....
jaane kya socha,,, ki,, khud ko,, dar-ba-dar* maine kiya.....

नसीम सेहर

Dar ba dar = एक द्वार से दूसरे द्वार जाना

Ashaar

Bachpan nein humein ..बचपन नें हमें.....

July 14, 2017

बचपन नें हमें दी है,,, ये शीरीनी-गुफ़्तार*....
उर्दू नहीं,,, हम माँ की ज़बाँ,,, बोल रहे हैं.....

Bachpan nein humein di hai....ye sheerini guftaar*......
Urdu nahi ,,,,hum maan ki zubaan bol rahe hain ......


आज़र बाराबंकवी

sheerini guftaar = meethi zabaan 

Ashaar

Shaam aayegi.....शाम आएगी....

July 13, 2017

शाम आएगी,,, तो देखेंगे ,,,अक़ीदत सबकी ....
चढ़ते सूरज का तो,,, हर शक़्स,,, परस्तार लगे ...

Shaam aayegi,,, to dekheinge,,, aqeedat sab ki...
Chadhate sooraj ka to,,,, har shaqs ,,,parastaar lagey....

[Unknown]

अक़ीदत = faith , belief
परस्तिश  - worship/pray

परस्तार - worshiper

Ashaar

Sangsaari ki ....संगसारी की.....

July 11, 2017

संगसारी* की सजा है मंज़ूर मुझको......
हाथ जिसके न हों आलूदा* वो पत्थर मारे.....



Sangsaari* ki sazaa hai manzoor mujh ko.....
Hath jiss ke,,, na hon alooda*,,, woh patthar maarey......

Sangsaari = Throwing stones

 Alooda = Dirty

Ashaar

Chhoda nahin....छोड़ा नहीं ....

July 10, 2017

छोड़ा नहीं ,,,,खुदी* को,,, दौड़े खुदा के पीछे.....
आसां को छोड़ ,,,,बन्दे,,,,, मुश्किल को ढूढ़ते हैं.....



Chhoda nahin ḳhudi* ko,,, daude ḳhuda ke peechhe...
Aasaan ko chhod,,, bande,,, mushkil ko Dhooundte hain.....

Abdul Hameed Adam


ḳhudi = ego

Ashaar

Usi ko jiney.....उसी को जीने .....

July 10, 2017

उसी को ,,,जीने का हक़ है,,, जो,,, इस ज़माने में......
इधर का लगता रहे,,,, और ,,,उधर का हो जाए। ....



 Usi ko jiney ka haq hai jo is zamaane mein......
Idhar ka lagta rahe aur udhar ka ho jaaye ...


Wasim Barelwi

Ashaar

.Mujh se......मुझ से...

July 10, 2017

मुझ से गुरेज़ -पा* है तो,,, हर रास्ता बदल....
मैं संग-ए -राह* हूँ तो,,, सभी रास्तों में हूँ....


Mujh se gurez-pa* hai toh har raasta badal.....
Main sang-e-raah* huun toh sabhi raasto'n mein huun.....

 गुरेज़ = avoid
पा = पैर

संग-ए -राह = रास्ते का पत्थर  

Ashaar

Hasti apni,... हस्ती अपनी......

July 09, 2017

Hasti apni,,,, hubaab* ki si hai.......
ye numayish* ,,,,,saraab* ki si hai....

हस्ती अपनी ,,,,हुबाब* की सी है....
ये नुमाइश*,,,, सराब* की सी है.......

मीर तक़ी मीर
Hubab = बुलबुला, bubble
Numayish = प्रदर्शन, दिखावा, Display, Exhibition
Saraab = मर्गत्रष्णा, Illusion, mirage

Ashaar

Wo zaafrani ...वो ज़ाफ़रानी ......

July 09, 2017

वो ज़ाफ़रानी* पुलोवर उसी का हिस्सा है....
कोई जो दूसरा पहने तो दूसरा ही लगे......


Wo zaafrani* pullover usi ka hissa hai.....
koi jo doosra pehne,,,, to doosra hi lagey...

Bashir Badr

Zaafrani = केसरिया, Saffron colour (orange-yellow)

Ashaar

Roye na abhi ......रोए न अभी ......

July 09, 2017

रोए न अभी,,, अहल-ए-नज़र* ,,,हाल पे मेरे.....
होना है,, अभी मुझ को ,,,,,ख़राब और ज़ियादा ....

Roye na abhi,,, ahl-e-nazar*,,,, haal pe mere....
hona hai,, abhi mujh ko,,, kharaab aur zyada.....

Majaz Lakhnawi
Ahl-e-nazar = पारखी, Discerning expert, cognoscente

Ashaar

Abhi abhi.....अभी अभी....

July 09, 2017

Abhi abhi wo mila tha, hazaar baatein kein .....
Abhi abhi wo gaya hai, magar zamanaa hua.....
अभी अभी वो मिला था, हज़ार बातें कीं......
अभी अभी वो गया है, मगर ज़माना हुआ.......
- अहमद फ़राज़

Ashaar

Hai ajeeb......है अजीब.....

July 09, 2017

है अजीब,,, शहर की ज़िन्दगी ,,न सफर रहा,, न कयाम* है.....
कहीं कारोबार सी दोपहर ,,,,कहीं बदमिज़ाज* सी शाम है....

Hai ajeeb ,,,shaher ki zindagi,,, na safar raha,,, na kayaam* hai ....

kahin karobaar si dopahar,,, kahin badmizaaj* si shaam hai ....
- Bashir Badr
Kayaam = ठहराव, Steadiness, stability
Badmizaaj = बुरे स्वभाव वाला, Foul tempered

Ashaar

Na rona hai...न रोना है...

July 09, 2017

न रोना है तरीके का न हसना है सलीके का....
परेशानी में कोई काम जी से हो नहीं सकता....

Na rona hai tareeke ka na hasna hai saleeke ka.....
Pareshaani mein koi kaam ji se ho nahi sakta....

 Daag Dehlvi

Ashaar

Ye jo aflaak...ये जो अफ़लाक...

July 09, 2017

ये जो अफ़लाक* की वुसअत* में,,, लिये फिरती है ......
इस अना ने ही,,, किसी रोज़ ,,,ड़ुबोना है हमें.......

Ye jo aflaak* ki ,,,vusaat* mein liye ,,,phirti hai ....

Is ana ne hi,,, kisi roz,, dubona hai humein....
Ahmad Khayal
Aflaak = नभ, आकाश, Sky, Heaven
Vusaat = फैलाव, Expanse, capacity, latitude

Ashaar

Kaghaz Ki Kashtiyon..काग़ज़ की कश्तियों.....

June 29, 2017

काग़ज़ की कश्तियों में सवारी का शौक़ था......
अब ये शिकायतें हैं के किनारा नहीं मिलता.....

Kaghaz Ki Kashtiyon Main Sawaari Ka Shoq Tha.....
Ab Ye Shikayatein Hain Ke Kinara Nahi Milta...!!!

Ashaar

Ishq Wo Satween ...इश्क़ वो सातवीं ....

June 29, 2017

इश्क़ वो सातवीं हिस्स है के...  अता हो जिसको
रंग सुन जावे उसे..  ..खुशबू  दिखाई देवे

Ishq Wo Satween Hiss Hai Ke at'ta Ho Jis Ko
Rang Sun Jaweein Use, Khushbu dikhai Deway

Ashaar

Har doobnay waale ...हर डूबनेवाले........

June 19, 2017

हर डूबनेवाले को साहिल के तमाशाई .....
अफ़सोस तो करते हैं इमदाद नहीं करते.....
Har doobnay waale ko saahil k tamaashaayee
Afsos toh kartey hain imdaad nahin kartey

Ashaar

Padhne Chal deta ...पढ़ने चल देता ....

June 17, 2017

पढ़ने चल देता हूँ उस वक्त मोहब्बत की  नमाज़.....
दिल में एहसास की जिस वक्त अज़ाँ होती है..........
Padhne Chal deta hoon us waqt mohabbat ki namaaz....
Dil mein aehsaas ki jis waqt azaan hoti hai .....

M.U.Warsi

Ashaar

Itni Parton mein ....इतनी परतों में ....

June 17, 2017

इतनी परतों में जमा है ...मेरे अंदर तू तो
कई जन्मों अगर खुरचूँ तो,,, निकल पाएगा
Itni Parton mein jama hai..mere andar tu to,,
Kayi janmon agar khurchooun to,, nikal paayega 

M.U. Warsi

Ashaar

TooT sakta hai....टूट सकता है,...

June 13, 2017

टूट सकता है,, छलक  सकता है ,,छिन्न सकता है ... 
इतना सोचे,, तो कोई जाम ,,उछाले कैसे .... 

TooT sakta hai,, chhalak sakta hai ,,chhin sakta hai.......
Itna soche,, to koi jaam,, uchhaale kaise......

Idris Babar

Ashaar

Aaya na ek .....आया न एक......

June 13, 2017

आया न एक बार ,,अयादत को ,,, तू मसीह......
सौ बार मैं,, फ़रेब से,,, बीमार हो चुका......


Aaya na ek baar ,, ayaadat ko,, tu masiih,,
Sau baar main,,fareib se,,,,beemar ho chuka..... 

अयादत=  Beemar ka haal chaal poochna

अमीर मीनाई

Barish Sharaab-e-arsh...बारिश शराब-ए -अर्श...

June 13, 2017

बारिश शराब-ए -अर्श  है ये सोचकर 'आदम '... 
बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी  गया ......

Barish Sharaab-e-arsh hai ye sochkar 'Adam'
Barish ke sab huruf ko ultaa ke pi gayaa....

Huruf= words
ABDUL HAMID ADAM

Ashaar

Accha hai dil.....अच्छा है दिल....

June 13, 2017

अच्छा है दिल के साथ रहे,, पासबान-ए-अक़्ल....
लेकिन कभी कभी ,,इसे तन्हा भी छोड़ दे.....

Accha hai dil ke saath rahe,, paasbaan-e-akl,,,
lekin kabhi kabhi,,, isey tanha bhi chor dein ....

Ashaar

Main jo sar-b-sajda....मैं जो सर-ब-सज्दा....

June 13, 2017

 मैं जो सर-ब-सज्दा हुआ कभी ,,तो ज़मीं से आने लगी सदा... 
तेरा दिल तो है सनम-आश्ना तुझे क्या मिलेगा नमाज़ में....
Main jo sar-b-sajda hua kabhi ,,to zamiin se aane lagi sadaa...
tera dil to hai sanam-aashnaa,,tujhe kya milega namaaz mein ....

Ashaar

Suna hai teri....सुना है तेरी.....

June 09, 2017

सुना है तेरी महफ़िल में सुकून-ए -दिल भी मिलता है
मगर हम जब  तेरी महफ़िल से आये , बेक़रार आये

Suna hai teri mehfil mein sukoon-e-dil bhi milta hai ...
Magar hum jab teri mehfil se aaye ,, beqaraar aaye .....

Ashaar

Logon ki pyaas....लोगों की प्यास.....

June 09, 2017

लोगों की प्यास जिसने बुझाई तमाम उम्र...
सुनते हैं आज प्यास से वो शक़्स मर गया.... 
Logon ki pyaas jisne bujhaayi tamaam umr...
Suntey hain aaj pyaas se vo shaqs mar gayaa.....

Ashaar

Mujhe ki gayi hai....मुझे की गई है....

June 04, 2017

मुझे की गई है ये पेशकश ,,, कि सज़ा में होंगी रियायतें....
जो क़ुसूर मैंने किया नहीं .....वो ,,,क़ुबूल कर लूँ दबाव में.......
Mujhe ki gayi hai  ye peshkash ,,,ki sazaa mein hongi riyaayatein ,,

Jo qusoor maine kiya nahi vo qubool kar loon dabaav mein .....

(मुर्तज़ा बरलस)

Ashaar

Gunah-garon mein.....गुनहगारों में....

June 01, 2017

गुनहगारों में शामिल हैं ...गुनाहों से नहीं वाक़िफ़.... 
सजा को जानते हैं हम.... खुदा जाने सजा क्या है.... 
Gunah-garon mein shaamil hain ...gunaahon se nahi vaaqif...
sazaa ko jaante hain hum... ḳhuda jaane ḳhataa kya hai...

CHAKBAST BRIJ NARAYAN 

Ashaar

Apne kisi amal.....अपने किसी अमल....

June 01, 2017

अपने किसी अमल पे..... नदामत नहीं मुझे ...
था नेक-दिल बहुत..... जो गुनहगार मुझ में था.....
Apne kisi amal pe ...nadaamat nahi mujhe....
Tha nek-dil bahut jo.... gunahgaar mujh mein tha.....

HIMAYAT ALI SHAYAR

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